भारत की भूगर्भीय संरचना तथा समुद्र तल के भीतर खनिज, तेल और गैस प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। आवश्यकता है उनके सुनियोजित अन्वेषण की तथा उन्नत तकनीकी ज्ञान और विशेषज्ञता के विकास की। इन क्षेत्रों को सुदृढ़ बनाकर भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में दृढ़ कदम बढ़ा सकता है। Minerals, oil, and gas are abundantly available within India’s geological strata and beneath its seabed. What is needed is systematic exploration, supported by advanced technology and skilled expertise. By strengthening these capabilities, India can move decisively toward self-reliance. Anil Kumar Sinha Artist. Writer. Blogger. Chhama Forgiveness Universal अनिल कुमार सिन्हा आर्टिस्ट.लेखक.ब्लॉगर. क्षमा फॉरगिवनेस यूनिवर्सल Chhama Forgiveness Universal
"भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के संदेशों को अपने जीवन में अपनाएँ। यह पावन दिन हमें ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों पर चलकर हम अपने जीवन में सुख, शांति और करुणा का संचार कर सकते हैं।"
"भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के संदेशों को अपने जीवन में अपनाएँ। यह पावन दिन हमें ‘जियो और जीने दो’ की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों पर चलकर हम अपने जीवन में सुख, शांति और करुणा का संचार कर सकते हैं।" "Embrace the teachings of truth, non-violence, and non-possessiveness as preached by Lord Mahavira. This auspicious day inspires us to ‘Live and let live.’ By following his ideals, we can bring happiness, peace, and compassion into our lives." भगवान महावीर के उपदेश मानव जीवन को सरल, शांत और सार्थक बनाने का मार्ग दिखाते हैं। उनके तीन प्रमुख सिद्धांत—सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह—आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ सामाजिक समरसता के भी आधार हैं। आइए इन्हें सरल भाषा में समझें: 1. सत्य (Truth) सत्य का अर्थ है—विचार, वाणी और कर्म में सच्चाई। केवल झूठ न बोलना ही सत्य नहीं है, बल्कि ऐसा बोलना भी सत्य है जो हितकारी और अहित न करने वाला हो। महत्व: सत्य विश्वास और सम्मान का आधार बनता है। यह व्यक्ति को भीतर से मजबूत और निडर बनाता है। व्यवहार में कैसे अपनाएँ: सच बोलें, चाहे परिस्थ...